जन्म कुंडली आपके जन्म के समय आकाश में स्थित ग्रहों और नक्षत्रों का एक सटीक खगोलीय मानचित्र है। इसके 12 भावों और 9 ग्रहों के विश्लेषण से आपके जीवन, करियर, विवाह और स्वास्थ्य का संपूर्ण भविष्यफल ज्ञात किया जाता है।
प्रथम भाव (लग्न) आपके व्यक्तित्व, शरीर और स्वास्थ्य को दर्शाता है। द्वितीय भाव धन और कुटुंब, तृतीय पराक्रम, चतुर्थ सुख और माता, पंचम विद्या और संतान, षष्ठ रोग व शत्रु, सप्तम दांपत्य जीवन, अष्टम आयु, नवम भाग्य, दशम कर्म व पद, एकादश लाभ, और द्वादश भाव व्यय व विदेश गमन का प्रतिनिधित्व करता है।
विंशोत्तरी महादशा पद्धति के अनुसार प्रत्येक जातक के जीवन पर समय-समय पर विभिन्न ग्रहों का प्रभाव पड़ता है। शुभ ग्रहों की महादशा में अपार सफलता प्राप्त होती है, जबकि प्रतिकूल ग्रहों की दशा में वैदिक उपाय और शांति अनुष्ठान सहायक होते हैं।
वाराणसी के विख्यात 5वीं पीढ़ी के राज ज्योतिषी डॉ. विवेक बाजपेयी आपकी जन्म पत्रिका का सूक्ष्म अध्ययन कर प्रामाणिक लाल किताब एवं वैदिक उपाय प्रदान करते हैं।
सटीक जन्म कुंडली निर्माण के लिए जातक की जन्म तिथि, सही जन्म समय और जन्म स्थान की जानकारी अनिवार्य होती है।
हाँ, वैदिक पूजा, मंत्र जप, रत्न धारण और लाल किताब के सरल उपायों द्वारा कुंडली के समस्त अनिष्टकारी दोषों को शांत किया जा सकता है।
Astrology guidance is not a substitute for medical, legal or financial advice.
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